Haan Main Gumsum Hoon, In Rahon Ki Tarah,
Tere Khwabon Mein, Teri Khwahishon Mein Chupa,
Na Jane Kyun Hai Roz Ka Silsila, Tu Rooh Ki Hai Dastan,

Teri Zulfon Ki Ye Nami, Teri Ankhon Ka Ye Nasha,
Yahan Kho Bhi Jaun To Mein, Kya Kasoor Hai Mera,

Kyun Yeh Afsane, In Lamhon Mein Kho Gaye,
Hum Ghayal The, In Lafzon Mein Kho Gaye,
The Hum Anjane, Ab Dil Mein Tum Ho Chupi,
Hum Hain Sehar Ki Parchaiyan,

Teri Sanson Ki Rat Hai,
Teri Honton Ki Hai Subha,
Yahna Kho Bhi Jaun Toh Mein,
Kya Kasoor Hai Mera,
Kya Kasur Hai Mera.

Teri Zulfno Ki Ye Nami, Teri Ankhon Ka Ye Nasha,
Yahan Kho Bhi Jaun To Mein, Kya Kasoor Hai Mera,

Teri Sanson Ki Rat Hai, Teri Honthon Ki Hai Subha,
Yaha Kho Bhi Jau To Mein,
Kya Kasoor Hai Mera, Kya Kasoor Hai Mera,
Kya Kasoor Hai Mera.

PRATEEK KUHAD’S KASOOR SONG LYRICS IN HINDI

हाँ मैं गुमसुम हूँ, इन राहों की तरह,
तेरे ख्वाबों में तेरी ख्वाहिशों में छुपा,

ना जाने क्यों है रोज़ का सिलसिला,
तू रूह की है दास्तान,

तेरे ज़ुल्फ़ों की ये नमी, तेरी आँखों का ये नशा,
यहाँ खो भी जाऊं तोह मैं, क्या कसूर है मेरा,

क्यों ये अफ़साने इन लम्हों में खो गए,
हम घायल थे इन लफ़्ज़ों में खो गए
थे हम अनजाने अब दिल में तुम हो छुपे
हम हैं सेहर की परछाइयां,

तेरी साँसों की रात है, तेरे होंठों की है सुबह
यहाँ खो भी जाऊं तोह मैं, क्या कसूर है मेरा,
क्या कसूर है मेरा।

तेरी जुल्फरों की ये नमी तेरी आँखों का ये नशा
यहाँ खो भी जाऊं तो मैं क्या कसूर है मेरा।

तेरी साँसों की रात है, तेरे होंठों की है सुबह
यहाँ खो भी जाऊं तोह मैं, क्या कसूर है मेरा,
क्या कसूर है मेरा।

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